Tuesday, 26 July 2011

!!!करती है आज भी उससे सच्चा प्यार!!!

आज सुनाती हूँ मैं अपनी ज़ुबानी..
एक तोता और मैना की कहानी..
तोता था समझदार और मैना नादान..
फिर भी हुई मोहब्बत..
दोनों थे उसके कदरदान..
मैना मान बैठी तोते को अपना..
सोचा ही नहीं की टूटेगा कभी ये सपना..
नादानी में सताया तोते को उसने..
दर्द तो पाया था साथ में खुदने..
बेरहम हुआ तोता और छोड़ चला उसको...
भूल गया जो सजाये थे सपने..
न देख सका वो मैना की तड़प..
छोड़ दी उसने उस मैना की सड़क..
लेकिन सच्चे प्रेम का कभी अंत नहीं होता..
आज भी मैना करती है हर डाली पे उसका इंतज़ार..
क्यूंकि मैना करती है आज भी उससे सच्चा प्यार..

Monday, 25 July 2011

खूबसूरत है वो यादें...


खूबसूरत है वो यादें जिनमे वो बसते हैं..
न जाने क्यों बेवजह बैठे बैठे हम हँसते हैं...
एहसास होता है उनके पास होने का..
न जाने क्यों आज भी वो हमारे दिल में सजते हैं...

Friday, 22 July 2011

तोड़ने लगे हैं रूकावट की दीवारों को...

चहकती, महकती , थिरकने लगी ज़िन्दगी..
न जाने कैसी ये हलचल है..
खुद से ही हो गयी है दोस्ती..
न जाने कैसा ये कलरव है...

खुद को आज हमने करीब से जाना है...
अपने अरमानों का बुना ताना बाना है..
जीने लगे हैं अब अपने सपनों के लिए...
ख़्वाबों को हमने खुदा माना है..

पूरा करने निकल पड़े हैं अपने अरमानों को...
छोड़ आये हैं पीछे सारे सहारों को..
अब अपना हाथ थामे बढ़ गए हैं आगे..
तोड़ने लगे हैं रूकावट की दीवारों को...

Thursday, 21 July 2011

बस एक बार कहने दे..

थर थर कांपते मेरे लफ़्ज़ों ने..
आखिर फिर तुझे पुकारा है...
जो यादें कभी न भूली थी..
वो ही अब एक सहारा है..

मेरे दमन की खुशियों ने..
तेरे जाते ही मुझे छोड़ दिया...
हर सपने ने न जाने कैसे..
मेरे रास्ते आना छोड़ दिया...

समझने समझाने का मौका ..
मुझे तू एक बार दे दे..
मेरी चाहत बस तेरी है..
बस एक बार कहने दे

Wednesday, 20 July 2011

आज एक पल के लिए धड़कन थम सी गयी थी..
न जाने किसने हमे पुकारा था...
याद आ गयी कुछ पुरानी बातें...
हम तो भूल ही गये थे की कभी कोई हमारा था...

‎!!!सवाल!!!

दुनिया से छुपा के अपने कर्मों को,
बन्दे तू कहाँ छुप पायेगा ...
अपनी अंतरात्मा की धिक्कार से..
तू खुद को कैसे बचा पायेगा..

चाहे दुनिया समझे तुझे सच्चा...
या बनके दिखाए तू सबसे अच्छा..
तेरे कर्मों के साये तेरा साथ न छोड़ेंगे.
तेरे किये हुए परपंच तुझे पल पल तोड़ेंगे...

दुनिया की नज़रों से भले ही भाग लेगा तू..
लेकिन अपनी अंतरात्मा को क्या जवाब दे पायेगा..
दिए जो ज़ख्म अपनों और परायों को..
उनका हिसाब खुद को क्या दे पायेगा..

तेरा एहसास..

तेरे साथ होने का एहसास सिर्फ तेरी आवाज़ से हुआ..
तू तो मिला ही नहीं है मुझसे..
फिर तू कैसे मेरा इतना अपना सा हुआ...
तेरी एक आहट से बन जाता है दिन मेरा...
ना जाने कैसे तू मेरे जीने का मकसद हुआ.. 

सबने कहा की तू नहीं है मेरा...
पर क्यों मेरे दिल को आज भी ये गंवारा ना हुआ...
तेरी आवाज़ की एक आहट से ही खिल उठती है ज़िन्दगी मेरी...
ना जाने कितनी गहराई से तू मेरी ज़िन्दगी में शामिल हुआ...

तेरे साथ के बिना एक पल भी कटता नहीं है अब..
इतना प्यार ना जाने मुझे तुझसे कैसे हुआ...
लोग कहते है प्यार ऐसे हो ही नहीं सकता...
पर वो जानते नहीं की मेरा दिल तेरे प्यार से ही आज आबाद हुआ..

चाहे कोई माने या ना माने मेरी इस मोहब्बत को...
पर तेरा प्यार मेरे लिए इबादत हुआ...
मेरा साथ छोड़ के जाना ना कभी...
क्यूंकि...
तुझे ये मलाल ना रह जाये की किसी को तुझसे दुबारा इतना प्यार ही ना हुआ...