थर थर कांपते मेरे लफ़्ज़ों ने..
आखिर फिर तुझे पुकारा है...
जो यादें कभी न भूली थी..
वो ही अब एक सहारा है..
मेरे दमन की खुशियों ने..
तेरे जाते ही मुझे छोड़ दिया...
हर सपने ने न जाने कैसे..
मेरे रास्ते आना छोड़ दिया...
समझने समझाने का मौका ..
मुझे तू एक बार दे दे..
मेरी चाहत बस तेरी है..
बस एक बार कहने दे
आखिर फिर तुझे पुकारा है...
जो यादें कभी न भूली थी..
वो ही अब एक सहारा है..
मेरे दमन की खुशियों ने..
तेरे जाते ही मुझे छोड़ दिया...
हर सपने ने न जाने कैसे..
मेरे रास्ते आना छोड़ दिया...
समझने समझाने का मौका ..
मुझे तू एक बार दे दे..
मेरी चाहत बस तेरी है..
बस एक बार कहने दे
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